India's Anti-Terrorism Partnership with 31 Countries: संसद में सरकार का बड़ा बयान

केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें बताया गया है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को वैश्विक स्तर
केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें बताया गया है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को वैश्विक स्तर पर पहले से अधिक समर्थन प्राप्त हुआ है। सरकार के अनुसार, भारत ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया है, जिसके फलस्वरूप अब 31 देशों और 6 बहुपक्षीय संगठनों के साथ आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह स्थापित किए गए हैं। इन समूहों के माध्यम से आतंकवाद से संबंधित मामलों पर नियमित रूप से चर्चा और सहयोग किया जा रहा है। यह कदम भारत की कूटनीतिक रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत ने उच्चस्तरीय बैठकों, आधिकारिक दौरे और कूटनीतिक संपर्कों के दौरान सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन प्रयासों का परिणाम यह हुआ है कि कई देशों ने भारत की चिंताओं को गंभीरता से लिया है। मंत्री ने यह भी बताया कि कई देशों ने पाकिस्तान से स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अपनी जमीन का उपयोग किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। यह भारत की लगातार और प्रभावी कूटनीतिक रणनीति का नतीजा है, जो अब वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर रही है।















