Commonwealth Peace Mediation Conference: न्याय प्रणाली में अंतिम व्यक्ति की भागीदारी हो सुनिश्चित, बोले CJI सूर्यकांत

जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कामनवेल्थ पीस मीडिएशन सम्मेलन का उद्घाटन भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम म
जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कामनवेल्थ पीस मीडिएशन सम्मेलन का उद्घाटन भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश विजय बिश्नोई एवं संदीप मेहता, जाम्बिया सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश आभा नायर पटेल और राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा भी उपस्थित थे। सम्मेलन का उद्देश्य न्याय प्रणाली में समाज के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी को सुनिश्चित करना है। CJI सूर्यकांत ने उद्घाटन समारोह में कहा कि आधुनिक विधि प्रणाली केवल न्याय देने वाली नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे समाज के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी को भी सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय का अर्थ केवल अदालतों में फैसला सुनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को न्याय तक पहुंच हो।
केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भारत में मध्यस्थता की परंपरा पंच परमेश्वर पर आधारित है, जो कि एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस परंपरा के माध्यम से भारत ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। मेघवाल ने यह भी कहा कि वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और इंडस्ट्री 4.0 जैसी नई तकनीकों के कारण चुनौतियां बढ़ी हैं। इसके साथ ही, सीमा पार व्यापारिक विवादों की प्रकृति भी तेजी से बदल रही है, जिसके लिए आधुनिक और प्रभावी समाधान की आवश्यकता है।
















