Job Scam in Jharkhand: 13 साल में 12 सरकारी नौकरियां पास करने वाले अभय तिवारी का पर्दाफाश

झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में तैनात ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय कुमार तिवारी को झारखंड पुलिस की सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। तिवारी पर आरोप है कि उसने 13 सा
झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में तैनात ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय कुमार तिवारी को झारखंड पुलिस की सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। तिवारी पर आरोप है कि उसने 13 साल में 12 सरकारी परीक्षाएं पास कीं और इसके बाद 'गारंटीड सिलेक्शन' का फर्जी धंधा शुरू किया। उसने अभ्यर्थियों को अपनी सफलता का ढिंढोरा पीटकर विश्वास में लिया और एक-एक सीट के लिए 25 लाख से 40 लाख रुपये तक वसूल किए। यह मामला झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में धांधली से जुड़ा हुआ है। CID की जांच में पता चला है कि तिवारी पहले TRS - Data Processing Private Limited नाम की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका था। इससे यह स्पष्ट होता है कि तिवारी का यह धंधा एक संगठित सॉल्वर सिंडिकेट का हिस्सा था।
अभय तिवारी ने अपनी 12 सरकारी नौकरियों की सफलता का ढिंढोरा पीटकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया। CID की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तिवारी ने 2013 से 2018 के बीच विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की थी। इनमें पुलिस अवर निरीक्षक, इंडियन नेवी में SSR, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में सहायक पद, और कई अन्य परीक्षाएं शामिल हैं। तिवारी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाया कि वह उन्हें सरकारी नौकरी दिला सकता है। इस प्रकार, उसने लाखों रुपये की ठगी की। CID ने तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

















