Parliament Stalemate: संसद का गतिरोध कब टूटेगा?

नई दिल्ली से नीलू रंजन की रिपोर्ट के अनुसार, संसद के भीतर चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने एक नई रणनीति अपनाई है। गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने
नई दिल्ली से नीलू रंजन की रिपोर्ट के अनुसार, संसद के भीतर चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने एक नई रणनीति अपनाई है। गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एफसीआरए पर अपने बयान का प्रस्ताव रखा है, जिससे सरकार को उम्मीद है कि वह विपक्ष के आरोपों का सामना कर सकेगी। सदन के भीतर पिछले ढाई हफ्तों से जारी गतिरोध के बीच, संसद के कार्यमंत्री किरण रिजिजु ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक में इस प्रस्ताव को रखा है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि अमित शाह मानसून सत्र के दौरान सदन में अनुपस्थित रहे, जिससे संसद का कामकाज प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष ने गृह मंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की है। इस स्थिति में, सरकार ने पहली बार गंभीरता से गतिरोध को तोड़ने का प्रयास शुरू किया है।
सरकार की यह कोशिश इस बात को ध्यान में रखते हुए की जा रही है कि एफसीआरए संशोधन विधेयक को बिना किसी हंगामे के पारित कराया जा सके। पिछले कुछ समय से संसद में इस विधेयक को लेकर कई तरह की भ्रांतियाँ फैलाई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि वह इन भ्रांतियों का जवाब देते हुए विधेयक को पारित कराए। यदि चर्चा होती है, तो विपक्ष की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों को भी दर्ज किया जाएगा, जिससे सत्तापक्ष को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं इस विधेयक पर विपक्ष की आपत्तियों का सामना करने का आश्वासन दिया है।

















