JPSC Exam Scandal: झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बड़े खुलासे और गिरफ्तारी

झारखंड लोक सेवा आयोग (jpsc) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच में तेजी आई है। झारखंड सीआईडी ने हाल ही में एक अभ्यर्थी को गिरफ
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच में तेजी आई है। झारखंड सीआईडी ने हाल ही में एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है, जिसने प्रारंभिक परीक्षा पास की थी। गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी की पहचान सुमन सौरभ के रूप में हुई है, जिसे हजारीबाग जिले से पकड़ा गया। सीआईडी के अधिकारियों का कहना है कि सुमन ने अनुचित तरीके से परीक्षा पास की थी, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की जांच अभी भी जारी है। सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान और साक्ष्य मिलते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी के साथ ही JPSC परीक्षा में शामिल लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जिन्हें सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। एजेंसी इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। इस बीच, झारखंड लोक सेवा आयोग ने संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया है, जो पहले 25 से 27 जुलाई के बीच आयोजित होने वाली थी। आयोग ने परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण लिया है। इस निर्णय के बाद से विपक्षी पार्टी भाजपा ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया है, जिससे राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है।
सीआईडी की जांच केवल अभ्यर्थियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से भी पूछताछ की है। अधिकारियों के अनुसार, उनसे लगातार दो दिन पूछताछ की गई और अब उन्हें तीसरे दौर की पूछताछ के लिए भी बुलाया गया है। सीआईडी ने कहा है कि परीक्षा में अनियमितताओं की जांच व्यापक स्तर पर की जा रही है और सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। झारखंड में JPSC परीक्षा में गड़बड़ियों का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की नजरें सीआईडी की आगे की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।
















