Supreme Court directs: ऑटिज्म के लिए स्टेम सेल थेरेपी से जुड़े मामले में चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट सौंपे केंद्र

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र को चार सप्ताह का समय दिया है ताकि वह आटिज्म स्पेक्ट्रम
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र को चार सप्ताह का समय दिया है ताकि वह आटिज्म स्पेक्ट्रम डिसआर्डर (एएसडी) के लिए स्टेम सेल थेरेपी से संबंधित मामले में एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश कर सके। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को किस प्रकार लागू करने की योजना बना रही है। यह मामला तब सामने आया जब अदालत ने 30 जनवरी को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि चिकित्सा विशेषज्ञ एएसडी के लिए किसी भी स्वीकृत और निगरानी वाले क्लीनिकल ट्रायल या शोध व्यवस्था के बाहर स्टेम सेल उपचार को क्लीनिकल सर्विस के रूप में उपलब्ध नहीं करा सकते। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मंजूर क्लीनिकल ट्रायल के बाहर मरीजों पर स्टेम सेल का कोई भी इस्तेमाल अनैतिक है और इसे गलत मेडिकल प्रैक्टिस माना जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक याचिका के आधार पर आया था, जिसमें देश भर के कई क्लीनिकों द्वारा एएसडी के इलाज के लिए स्टेम सेल थेरेपी के बड़े पैमाने पर प्रचार, प्रिस्क्रिप्शन और इस्तेमाल से संबंधित चिंताओं को उठाया गया था। इस मामले की सुनवाई जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच के समक्ष हुई। बेंच ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से एक छोटा हलफनामा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस हलफनामे में मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है, लेकिन अदालत ने इस पर संतोष नहीं जताया।



















