Judicial Separation in Junior Assistant Recruitment Case: जज मनीष कुमार निगम ने खुद को किया अलग, 6 अगस्त को नई पीठ करेगी सुनवाई

प्रयागराज से विधि संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित जूनियर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में 3284 पदों के लिए आवेदन करन
प्रयागराज से विधि संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित जूनियर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में 3284 पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। इस परीक्षा में शामिल हुए अविनाश कुमार और 179 अन्य अभ्यर्थियों ने तीन विवादित प्रश्नों को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने खुद को इस प्रकरण से अलग करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह मामला ऐसी पीठ के समक्ष रखा जाए जिसमें वे स्वयं शामिल न हों। यह निर्णय न्यायालय की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
गुरुवार, 31 जुलाई को हुई सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति निगम ने आदेश दिया कि इस मामले को मुख्य न्यायमूर्ति से नामांकित एक नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी सुनवाई 6 अगस्त 2026 को होगी। न्यायालय ने इस मामले के गुण-दोष पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और सभी पहलुओं पर विचार करेगा। यह निर्णय न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को दर्शाता है, जो कि किसी भी न्यायिक प्रक्रिया का आधार होती है।














