Kerala High Court denies relief to woman’s mother-in-law in dowry harassment case: बहू को दहेज उत्पीड़न मामले में सास को राहत देने से केरल हाई कोर्ट ने किया इनकार

केरल हाई कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के मामले में महिला की सास को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बहू द्वारा सास पर लगाए गए आरोप स्पष्ट और गंभीर हैं,
केरल हाई कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के मामले में महिला की सास को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बहू द्वारा सास पर लगाए गए आरोप स्पष्ट और गंभीर हैं, जिनकी सच्चाई का फैसला ट्रायल के दौरान सबूतों के आधार पर किया जाना चाहिए। जस्टिस जॉबिन सेबेस्टियन ने 7 अगस्त को यह आदेश दिया। दोनों ने अपने खिलाफ दर्ज दहेज उत्पीड़न से जुड़े आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने सास पर आरोपों को ठोस माना और कहा कि वह बहू को बार-बार चुभने वाली बातें सुनाती थी कि शादी में उसके मायके से पर्याप्त दहेज नहीं आया है। इन आरोपों की सच्चाई का फैसला ट्रायल कोर्ट में सबूतों की जांच के बाद ही किया जाएगा। महिला का आरोप है कि उसके माता-पिता ने शादी के समय उसे करीब 55 सॉवरेन (लगभग 440 ग्राम) गहने दिए थे, जिन्हें उसके पति ने अपने कब्जे में लेकर अपने भाई को सौंप दिए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी सास लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी और शादी के समय लाए गए गहनों को ताने देकर अपमानित करती थी। जनवरी 2020 में भी उसे अपमानित किया गया और जब उसने घटना को रिकॉर्ड करने की कोशिश की, तो उसके देवर ने उसे थप्पड़ मारा। महिला ने आरोप लगाया कि देवर और सास ने उसे संपत्ति बेचने के लिए दबाव बनाया और धमकाया, जिससे वह मानसिक तनाव में चली गई। कोर्ट ने सास के खिलाफ आरोपों को स्पष्ट माना और आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। वहीं, देवर के खिलाफ आरोपों को अस्पष्ट मानते हुए कार्यवाही को खारिज कर दिया गया।














