Buddhist Stupa in Kesariya: केसरिया बौद्ध स्तूप को ईको-टूरिज्म हब में बदला जाएगा

बिहार के पर्यटन मानचित्र पर विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप को अब केवल एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने की
बिहार के पर्यटन मानचित्र पर विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप को अब केवल एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। राज्य के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने हाल ही में केसरिया स्तूप का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने केसरिया स्तूप और इसके आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। यह कदम बिहार के पर्यटन को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
इस प्रस्तावित योजना के तहत केसरिया स्तूप परिसर को एक पर्यटन और आध्यात्मिक अनुभव का नया केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। यहाँ जेन पार्क, चिल्ड्रेन पार्क, ध्यान केंद्र, विपश्यना केंद्र, ईको-फ्रेंडली हट्स, आकर्षक लैंडस्केपिंग, पार्किंग, कैफेटेरिया और अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सरोत्तर झील को भी ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें बोटिंग, पार्क और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
















