Building Collapse in Baghpat: निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से तीन की मौत

बागपत जिले के छपरौली कस्बे में गुरुवार शाम को एक निर्माणाधीन मकान का भारी छज्जा अचानक गिर जाने से तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना मोहल्ला कुरैशियान में लगभग सा
बागपत जिले के छपरौली कस्बे में गुरुवार शाम को एक निर्माणाधीन मकान का भारी छज्जा अचानक गिर जाने से तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना मोहल्ला कुरैशियान में लगभग साढ़े पांच बजे हुई। हादसे के समय छज्जे के नीचे काम कर रहे 63 वर्षीय राजमिस्त्री सुरेंद्र, उनके 30 वर्षीय दामाद रोबिन और 32 वर्षीय श्रमिक कल्लू मलबे में दब गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई और वे तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। लेकिन भारी कंक्रीट और सरियों के कारण उन्हें मलबे से निकालने में कठिनाई हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
स्थानीय निवासी परवेज, जो इस निर्माणाधीन मकान का मालिक है, ने बताया कि घटना के समय उनकी मां मोहसिना घर के अंदर थीं। परवेज दिल्ली में कपड़ों की दुकान चलाते हैं और उनके पिता बाबू कुरैशी का पहले ही निधन हो चुका है। हादसे के बाद मोहसिना सदमे में हैं। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी सूरज कुमार राय और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छज्जे की सपोर्ट कम दी गई थी और उसमें सामग्री का अधिक उपयोग किया गया था, जिससे उसका वजन आगे की ओर अधिक हो गया और वह गिर गया।
इस घटना ने मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची, तब तक सुरेंद्र और रोबिन की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल कल्लू को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। इस घटना ने निर्माण कार्यों की सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। बागपत में यह हादसा न केवल पीड़ित परिवारों के लिए बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए एक दुखद घटना बन गया है।
















