Meta's Apology: मार्क ज़करबर्ग का भारत सरकार से माफी मांगने का मामला
हाल ही में यह खबर सामने आई है कि फेसबुक के मालिक मार्क ज़करबर्ग ने भारतीय सरकार से माफी मांगी है। लेकिन इस मामले में कई पहलुओं को समझना आवश्यक है। इस माफी को प्
हाल ही में यह खबर सामने आई है कि फेसबुक के मालिक मार्क ज़करबर्ग ने भारतीय सरकार से माफी मांगी है। लेकिन इस मामले में कई पहलुओं को समझना आवश्यक है। इस माफी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि से जोड़ा जा रहा है, जबकि यह कहानी पूरी तरह से वास्तविक नहीं है। ज़करबर्ग की माफी का मामला तब शुरू हुआ जब जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो फेसबुक पर कुछ समय के लिए सीमित कर दिया गया था। मेटा ने इसे अपनी प्रक्रिया में गलती बताया। इसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मेटा के भारतीय अधिकारियों से मांग की कि ज़करबर्ग को स्वयं माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने मेटा की कानूनी सुरक्षा को वापस लेने की चेतावनी भी दी। इसके पश्चात भारत सरकार और मेटा के अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें न केवल प्रधानमंत्री के वीडियो बल्कि बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकारी स्रोतों के अनुसार, मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के वीडियो को हटाने पर खेद जताया और ज़करबर्ग की ओर से माफी का संदेश भी दिया गया। हालांकि, यह भी सच है कि ज़करबर्ग ने किसी सार्वजनिक मंच पर भारतीय नागरिकों के सामने विस्तृत माफी नहीं मांगी।
भारत मेटा के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जहां फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के उपयोगकर्ताओं की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मेटा इंडिया का शुद्ध लाभ लगभग 648 करोड़ रुपये रहा। भारत में मेटा का सकल विज्ञापन कारोबार लगभग 29 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। मेटा को यहां प्रति उपयोगकर्ता अमेरिका या यूरोप की तुलना में कमाई नहीं होती, लेकिन भारत में करोड़ों नए इंटरनेट उपयोगकर्ता और छोटे व्यापारी इसके प्लेटफार्मों पर निर्भर हैं। विकसित देशों में बाजार भर चुका है, जबकि भारत में डिजिटल विज्ञापन और इंटरनेट कारोबार अभी बढ़ रहा है। ऐसे में मेटा के लिए भारत से टकराना आसान नहीं है। यदि सरकार नाराज होती है, तो वह मेटा को नोटिस भेज सकती है या सामग्री हटाने को कह सकती है।
















