Fraudulent Marriage in Dhar: शादी के छह दिन बाद दुल्हन ने नकदी और गहने लेकर किया फरार

धार जिले के धामनोद क्षेत्र में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां शादी के महज छह दिन बाद एक नवविवाहिता अपने पति को धोखा देकर फरार हो गई। यह घटना तब हुई जब दु
धार जिले के धामनोद क्षेत्र में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां शादी के महज छह दिन बाद एक नवविवाहिता अपने पति को धोखा देकर फरार हो गई। यह घटना तब हुई जब दुल्हन पग फेरे के बहाने मायके जाने का बहाना बनाकर निकली, लेकिन रास्ते में उसने अपने साथ नकदी और गहनों से भरा बैग लेकर भागने का निर्णय लिया। पीड़ित परिवार ने इस घटना की शिकायत धामनोद थाने में दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, भगवानलाल नामक युवक का विवाह हाल ही में बिचौलियों के माध्यम से एक युवती से हुआ था। शादी से पूर्व दोनों परिवारों के बीच तय राशि का लेन-देन भी हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला पहले से ही किसी योजना के तहत किया गया था। नवविवाहिता ने शादी के बाद लगभग छह दिन तक अपने पति के साथ बिताए और फिर पग फेरे की रस्म के लिए मध्य प्रदेश आई। परिवार के सदस्यों का कहना है कि जैसे ही वे धामनोद पहुंचे, दुल्हन ने शौचालय जाने और नाश्ता करने का बहाना बनाया। इसी बहाने से वह नकदी और गहनों से भरा बैग लेकर वहां से फरार हो गई। जब वह कुछ समय तक वापस नहीं लौटी, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद उन्होंने विवाह कराने वाले बिचौलिए से संपर्क किया, लेकिन वह उन्हें अलग-अलग बहाने बताने लगा और अंततः फोन उठाना भी बंद कर दिया। यह स्थिति पीड़ित परिवार के लिए बेहद चिंताजनक थी। जब उन्होंने दुल्हन को वापस बुलाने या शादी में खर्च की गई रकम लौटाने की मांग की, तो बिचौलिए ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस डर के कारण परिवार ने धामनोद थाने में जाकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। थाने के प्रभारी संतोष यादव ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, शादी कराने वाले बिचौलियों की भूमिका और कथित तौर पर ले जाए गए नकदी-गहनों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। यह मामला न केवल एक दुल्हन के धोखाधड़ी का है, बल्कि यह समाज में विवाह के नाम पर हो रहे ऐसे अपराधों की गंभीरता को भी उजागर करता है। ऐसे मामलों में उचित कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े।
















