Murder in Khagaria: पूर्व सरपंच के बेटे की दिनदहाड़े हत्या

खगड़िया के अलौली प्रखंड में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब बाइक सवार अपराधियों ने पूर्व सरपंच सुचिता देवी के पुत्र संजय पटेल उर्फ जंगल
खगड़िया के अलौली प्रखंड में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब बाइक सवार अपराधियों ने पूर्व सरपंच सुचिता देवी के पुत्र संजय पटेल उर्फ जंगली पटेल को गोलियों से भून डाला। यह घटना बागमती नदी के फुलतोड़ा पुल के पास हुई, जहां संजय पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने बताया कि संजय को पांच से छह गोलियां लगी थीं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी। इस हत्या ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि यह घटना तीन जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र में हुई है, जिसमें सहरसा, समस्तीपुर और दरभंगा शामिल हैं। घटना के बाद अपराधी मौके से भाग निकले, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
मृतक संजय पटेल, जो ज्वालापुर गांव का निवासी था, अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रिय था। उसकी मां सुचिता देवी ने 2016 में पंचायत चुनाव में सरपंच का पद जीता था और संजय ने पांच वर्षों तक सरपंच प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया। उसकी हत्या के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और शहरबन्नी-खगड़िया मुख्य पथ को जाम कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों किनारे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्री और वाहन चालक भीषण गर्मी में परेशान हो गए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि जब तक एसपी मौके पर नहीं आएंगे, तब तक जाम नहीं हटेगा।
सूचना मिलने पर एसपी भानू प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने स्वजनों और ग्रामीणों से बातचीत की, जिसके बाद जाम हटाने पर सहमति बनी। मृतक के परिवार ने एसपी से ज्वालापुर में पुलिस पिकेट स्थापित करने, चौक-चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की। जंगली पटेल अपने पीछे चार बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। घटना के समय वह अपने चचेरे भाई विक्रम पटेल के साथ भाड़े की गाड़ी पर सवारी बैठा रहे थे, तभी लाल रंग की अपाचे बाइक पर आए दो अपराधियों ने संजय से बातचीत की और उसके ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है।















