Supreme Court's Stay on NSE RTI Status: क्या NSE आएगा RTI के दायरे में?

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस महत्वपूर्ण आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) को सूचना का अधिकार अधिनियम
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस महत्वपूर्ण आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) को सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत एक सार्वजनिक संस्था के रूप में मान्यता दी गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए केंद्रीय सूचना आयोग और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। एनएसई ने दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ के एक जुलाई के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि एनएसई आरटीआई अधिनियम के दायरे में आता है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि क्या एनएसई को सार्वजनिक संस्था माना जाएगा या नहीं।
दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एनएसई की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने एकल पीठ के अप्रैल 2010 के फैसले के खिलाफ अपील की थी। एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि एनएसई आरटीआई एक्ट की धारा 2(एच) के तहत सार्वजनिक संस्था की श्रेणी में आता है। यह निर्णय इस दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है कि आरटीआई एक्ट के तहत नागरिक केवल सार्वजनिक संस्थाओं से ही जानकारी मांगने का अधिकार रखते हैं। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा था कि यदि किसी संस्था का मालिकाना हक, नियंत्रण या उसे काफी हद तक फंडिंग संबंधित सरकार से मिलती है, तो वह सार्वजनिक संस्था मानी जाएगी।

















