Murder case in Muzaffarnagar: किसान पवन हत्याकांड में चार दोषी करार

मुजफ्फरनगर के शामली जिले के गांव भभीसा में 12 साल पहले हुए किसान पवन कुमार के हत्याकांड में अपर सत्र एवं जिला न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुम
मुजफ्फरनगर के शामली जिले के गांव भभीसा में 12 साल पहले हुए किसान पवन कुमार के हत्याकांड में अपर सत्र एवं जिला न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने चार आरोपितों को दोषी ठहराया है। इस मामले में एक आरोपित की पत्रावली को वर्ष 2024 से अलग कर दिया गया है और उस पर सुनवाई चल रही है। उल्लेखनीय है कि इस हत्या में नामजद कुख्यात विपुल खूनी को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। न्यायालय ने दोषियों के खिलाफ सजा सुनाने की तिथि 13 अगस्त निर्धारित की है। दोष सिद्ध होने के बाद सभी आरोपितों को जिला कारागार में निरुद्ध किया गया है।
इस मामले की शुरुआत 14 जुलाई 2014 को हुई, जब शामली के थाना कांधला में गांव भभीसा निवासी किसान अशोक कुमार ने एक मुकदमा दर्ज कराया। इसमें उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई पवन कुमार के पुत्र आशु का झूठा नाम कुख्यात बदमाश विपुल खूनी की मां ने लिखवा दिया था। इस पर आशु ने विरोध जताया था, जिससे विपुल खूनी और उसके परिवार ने रंजिश रखी। 14 जुलाई को सुबह लगभग 10:45 बजे, जब पवन अपने घर में अखबार पढ़ रहा था, तभी कार सवार सात लोग दो राइफल, बंदूक और कट्टा लेकर उसके घर में घुस आए। बदमाशों ने सीधे पूछा कि आशु ढक्कन कहां है और फिर गोली चला दी। गोली पवन के हाथ में लगी, जिससे वह शोर मचाने लगा। इस पर उसका छोटा भाई पवन कुमार मौके पर आया, लेकिन बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
इस मुकदमे में चार आरोपितों को दोषी ठहराया गया है, जिनमें रामवीर, राजीव उर्फ छोटू, राहुल उर्फ बोसी और हरेंद्र शामिल हैं। एक अन्य आरोपित अमित की पत्रावली को अलग कर दिया गया था और उसे आर्म्स एक्ट में दोषी ठहराया गया है। इन सभी आरोपितों को 13 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि कुख्यात विपुल खूनी, जो सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य था, पर हत्या, लूट और डकैती के 18 से अधिक मुकदमे थे। उसे 26 जुलाई को एसटीएफ मेरठ और बागपत पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। यह मामला पिछले 12 वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था और अब न्यायालय ने दोषियों को सजा देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
















