Political Speculations Surrounding Rajeev Kumar: ममता बनर्जी का साथ छोड़ेंगे पूर्व IPS राजीव कुमार?

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के दिनों में कई घटनाक्रम तेजी से बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के दिनों में कई घटनाक्रम तेजी से बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले पूर्व आइपीएस अधिकारी राजीव कुमार के संभावित दल-बदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से ही इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की एक उच्चस्तरीय बैठक में राजीव कुमार की उपस्थिति ने इन अटकलों को और भी बल दे दिया है। इस बैठक में तृणमूल के बागी सांसदों के साथ उनकी बातचीत ने सभी को चौंका दिया है।
साल 2019 में चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआइ की टीम ने राजीव कुमार के आवास पर छापा मारा था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए धरना दिया था। उस समय ममता बनर्जी ने अपने पुलिस अधिकारी की रक्षा के लिए केंद्र से सीधी टक्कर ली थी। पिछले साल जब राजीव कुमार ने अपनी पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया था, तब यह माना गया था कि वह तृणमूल कांग्रेस के प्रति वफादार रहेंगे। लेकिन अब उनकी हालिया गतिविधियों ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
















