Narco Test in Gumla: 7 साल का रहस्य, संजीता कुमारी की गुमशुदगी का सच सामने आएगा?

गुमला सदर प्रखंड के खोरा जामटोली की नाबालिग संजीता कुमारी की गुमशुदगी का मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लगभग सात वर्षों से इस मामले ने रहस्य का रूप
गुमला सदर प्रखंड के खोरा जामटोली की नाबालिग संजीता कुमारी की गुमशुदगी का मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लगभग सात वर्षों से इस मामले ने रहस्य का रूप धारण कर लिया था, लेकिन अब पुलिस ने मुख्य आरोपित भुखली देवी को नार्को टेस्ट के लिए गुजरात भेज दिया है। यह गुमला जिले का पहला मामला है, जिसमें किसी आरोपित का सच जानने के लिए नार्को टेस्ट कराया जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस वैज्ञानिक जांच के माध्यम से इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जानकारी के अनुसार, न्यायालय ने लगभग एक महीने पहले भुखली देवी के नार्को टेस्ट की अनुमति दी थी। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और न्यायालय ने 11 अगस्त तक टेस्ट कराने का निर्देश दिया। इसके तहत, 2 अगस्त को कड़ी सुरक्षा के बीच अहतू थाना पुलिस उसे गुजरात लेकर रवाना हुई। वहां गांधीनगर स्थित फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय में उसका नार्को टेस्ट किया जाएगा।
संजिता कुमारी, जो कि वर्ष 2020 में मात्र 13 वर्ष की उम्र में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी, की तलाश के लिए पुलिस ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक अभियान चलाया। विभिन्न राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई, लेकिन संजीता का कोई सुराग नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में उच्च न्यायालय ने जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने स्वयं गुमला पहुंचकर मामले की समीक्षा की और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी पहलुओं की जांच के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए नार्को टेस्ट का सहारा लिया।
















