Paper Leak Protests: जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन, सीएम मान का केंद्र पर हमला

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की गूंज अब पंजाब विधानसभा में सुनाई दी है। सोमवार को पंजाब विधानसभा में छा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की गूंज अब पंजाब विधानसभा में सुनाई दी है। सोमवार को पंजाब विधानसभा में छात्रों के समर्थन में और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों में पेपर लीक के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। यह प्रस्ताव पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में पेश किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और यह दर्शाती है कि कैसे देश में शिक्षा प्रणाली में अव्यवस्था व्याप्त है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम विश्वगुरु बनने का सपना देखते हैं, तो हमें अपने देश में पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को लागू करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की जान गंवाने की घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि इस अव्यवस्था और अवसाद के चलते अब तक 22 अभ्यर्थियों ने अपनी जान गंवा दी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच देश में 65 पेपर लीक हुए हैं और यह सभी घटनाएं उन राज्यों में हुई हैं, जहां बीजेपी की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, दूसरी तरफ हम अपने देश में एक पारदर्शी परीक्षा तक नहीं करा पा रहे हैं। इस स्थिति के कारण आज विदेशों में हमारी डिग्रियों का मूल्य कम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थिति केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंताजनक है।
















