Parliamentary Chaos Continues: लोकसभा-राज्यसभा सोमवार तक स्थगित

संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा हफ्ता भी हंगामे की भेंट चढ़ गया है। विपक्ष के शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन लोकसभा की कार्यवाही सुचा
संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा हफ्ता भी हंगामे की भेंट चढ़ गया है। विपक्ष के शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन लोकसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसी तरह, राज्यसभा में भी विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का यह मॉनसून सत्र 13 अगस्त तक प्रस्तावित है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि विपक्ष के प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा है। शुक्रवार को प्रश्नकाल भी पूरा नहीं हो सका, जिससे संसद के विधायी और अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा कम होने का कारण सरकार नहीं, बल्कि विपक्ष की लगातार नारेबाजी और हंगामा है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह कहना गलत होगा कि संसद की कार्यवाही नहीं चल रही है। उनके अनुसार, सदन में कई विधेयक पारित हुए हैं, केवल चर्चा का समय हंगामे के कारण प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह से देर रात तक संसद में मौजूद रहते हैं और किस मंत्री को कब तथा कितनी देर बोलना है, इसका निर्णय सदन और अध्यक्ष के अनुमोदन से होता है। विपक्ष यह तय नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जब गृह मंत्री सदन में अपना वक्तव्य देंगे, तब विपक्ष को बैठकर सुनना होगा। यदि विपक्ष सदन से बाहर जाता है तो उसे अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी पड़ेगी।















