New Congress Team for Ganesh Godiyal: नौ माह बाद मिली कांग्रेस की नई टीम, अनुभवी और युवा चेहरों का संतुलन

राज्य ब्यूरो, देहरादून। आखिरकार नौ महीने के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को नई टीम मिल गई है। यह घोषणा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक
राज्य ब्यूरो, देहरादून। आखिरकार नौ महीने के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को नई टीम मिल गई है। यह घोषणा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आठ अगस्त को हल्द्वानी दौरे से पहले की गई। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के साथ-साथ विभिन्न समितियों के गठन पर भी मुहर लगाई है। इस नई कार्यकारिणी में अनुभव और युवा जोश का संतुलन साधने के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को भी ध्यान में रखा गया है। कांग्रेस हाईकमान की इस पहल को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत और कार्यकर्ताओं में नए उत्साह के संचार के रूप में देखा जा रहा है। गोदियाल ने पहले ही पार्टी हाईकमान को प्रांतीय कार्यकारिणी के नामों की सूची भेज दी थी, और अब जाकर इस पर अंतिम मुहर लगी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रांतीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की सूची जारी की।
नई कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष, 24 उपाध्यक्ष, 36 महासचिव और 107 प्रदेश सचिवों की नियुक्ति की गई है, जिससे पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने का स्पष्ट संदेश दिया है। नई टीम में कई पुराने चेहरों की वापसी भी हुई है। गोदावरी थापली को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उपाध्यक्षों में हेमेश खर्कवाल, विजय सारस्वत, सूर्यकांत धस्माना, और अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं। महासचिवों की सूची में राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, और विजय गुन्सोला जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। इस प्रकार, कांग्रेस ने अपनी नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी जिम्मेदारी देकर संतुलन साधने की कोशिश की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नई कार्यकारिणी में विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि प्रदेशभर में संगठन को मजबूती मिल सके। अब सभी की निगाहें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी दौरे और वहां से दिए जाने वाले राजनीतिक संदेश पर टिकी हुई हैं। इस दौरे के दौरान नई टीम के साथ कांग्रेस आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत दे सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह नई कार्यकारिणी आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त कर पाएगी।
















