Police crackdown on CJP protestors: दिल्ली पुलिस ने 2800 लोगों की पहचान की

दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा सुधारों और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और युवाओ
दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा सुधारों और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और युवाओं द्वारा चलाए गए प्रदर्शनों में दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रदर्शन के दौरान, पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और बॉडी वॉर्म कैमरे के माध्यम से प्रदर्शनकारियों की निगरानी की। इसके साथ ही, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) वैन की भी तैनाती की गई थी, जिससे प्रदर्शन में शामिल 2873 लोगों की पहचान की गई। दस्तावेज़ों के अनुसार, 2402 लोगों की पहचान क्राइम-कुंडली के माध्यम से और 471 लोगों की पहचान डोज़ियर रिकॉर्ड के जरिए की गई। यह जानकारी सामने आई है कि इन 2873 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें 101 लोगों पर हत्या, 229 पर आर्म्स एक्ट, 284 पर डकैती, 135 पर झपटमारी और 19 लोगों पर अपहरण के मामले दर्ज हैं।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) वैन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की गई। कॉकरोच जनता पार्टी ने मांग की थी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए। इस बीच, जंतर मंतर पर बैरिकेड्स की वेल्डिंग की जा रही है ताकि भविष्य में कोई भी प्रदर्शन उग्र होने पर प्रदर्शनकारी एक सीमा से आगे न बढ़ सकें। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती और दिल्ली पुलिस के जवानों की मौजूदगी शामिल है। बैरिकेड्स को मजबूत करने की प्रक्रिया भी चल रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
















