Political Alliance in Punjab: क्या पंजाब में बीजेपी फिर अकाली दल से करेगी गठबंधन?

पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक के
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या बीजेपी और अकाली दल फिर से एकजुट होने जा रहे हैं। सुखबीर बादल ने इस मुलाकात में पंजाब की कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, इस बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुखबीर बादल की पीएम मोदी से मुलाकात को बीजेपी और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पंजाब की सियासत में बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के चलते दोनों दलों के बीच की दोस्ती टूट गई थी। इसके बाद दोनों ने अकेले चुनाव लड़ा और अपनी राजनीतिक स्थिति का आकलन किया। अब 2027 के विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही सुखबीर बादल की पीएम मोदी से मुलाकात को फिर से गठबंधन की संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार और विपक्षी दलों के बीच की खींचतान के बीच, अकाली दल और बीजेपी के रिश्तों को लेकर नए समीकरण तलाशे जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अकाली दल और बीजेपी को फिर से एकजुट होना है, तो उन्हें अपने पुराने वोट बैंक को वापस पाना होगा। पिछले कुछ चुनावों में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा और इसका नुकसान भी उठाया। अब सुखबीर बादल का कहना है कि उनकी प्राथमिकता पार्टी को मजबूत करना है। हालांकि, इस मुलाकात के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पंजाब की राजनीति में कई बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। बीजेपी और अकाली दल दोनों ही दलों की तरफ से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन दोनों दलों की राजनीतिक मजबूरियों को देखते हुए, यह संभावना बढ़ती जा रही है कि वे फिर से एकजुट हो सकते हैं।
















