Political Maneuvering in Bengal: ऋतब्रत गुट के विधायक को पीएससी की कमान देने की तैयारी

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में चल रही गतिविधियों को लेकर अब तक की अटकलों पर एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। विधानसभा सचिवालय के सूत्र
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में चल रही गतिविधियों को लेकर अब तक की अटकलों पर एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, विपक्षी खेमे के विधायक के नाम पर महत्वपूर्ण लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष पद के लिए लगभग मुहर लग गई है। तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के विधायक कन्हैयालाल अग्रवाल को इस पद के लिए संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है, जो नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के गुट से जुड़े हुए हैं। कन्हैयालाल ने विधानसभा चुनाव में इस्लामपुर सीट से जीत हासिल की थी, जिसके बाद तृणमूल के भीतर चल रहे कलह के चलते वह ऋतब्रत शिविर में शामिल हो गए। विधानसभा की पीएसी समिति में कुल 20 सदस्य होंगे, जिनमें 14 सत्ता पक्ष और 6 विपक्षी खेमे से होंगे। इन 6 विपक्षी विधायकों में कन्हैयालाल भी शामिल हैं।
बंगाल विधानसभा की कुल 41 समितियों में से सत्ता पक्ष ने 10 समितियों की अध्यक्षता विपक्ष को देने का निर्णय लिया है। इनमें से एक समिति की कमान भांगड़ के एकमात्र आइएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को मिल सकती है, जबकि शेष नौ समितियों के अध्यक्ष पद ऋतब्रत गुट के विधायकों के खाते में जाएंगे। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि पहले विपक्षी विधायकों को तोड़कर पीएसी अध्यक्ष बनाने की परंपरा रही है। अतीत में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में शामिल हुए कई नेताओं को इस पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन इस बार भाजपा ने इस परंपरा से हटकर कन्हैयालाल को यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है।
















