Political Shifts in India: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद बदल रही देश राजनीति

जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। हाल ही में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) द्वारा आयोजित प्रदर्शन ने छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर एक नई राजनीतिक हलचल प
जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। हाल ही में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन ने छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर एक नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस प्रदर्शन ने न केवल युवाओं के बीच एकजुटता का संदेश दिया, बल्कि राजनीतिक दलों की रणनीतियों को भी प्रभावित किया है। अब सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने पक्ष में भुनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में सत्ताधारी पार्टी के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। वहीं, भाजपा सहित अन्य सत्ताधारी दल अपने युवा वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए नए संवाद के मंच तैयार करने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि विपक्ष युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हुए इस छात्र आंदोलन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), और आम आदमी पार्टी जैसे दलों ने भागीदारी की। हालांकि, इस आंदोलन पर राजनीतिक रंग चढ़ाने की कोशिशें अभी तक सफल नहीं हो पाई हैं, लेकिन विपक्षी दल इस माहौल को उत्तर प्रदेश चुनावों तक ले जाने की योजना बना रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने ''छात्रों की गूंज'' कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसमें राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में, वह आठ अगस्त को प्रयागराज में छात्रों के साथ संवाद करने के लिए पहुंचेंगे।
समाजवादी पार्टी ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पीडीए-2 ऑडिट रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए पेपर लीक की जानकारी दी गई है। सपा युवजन सभा और सपा छात्र सभा ने प्रयागराज में हुए छात्रों के प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी की। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) भी युवा संवाद चौपाल लगाने की योजना बना रहा है, जिसमें शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी युवाओं के मुद्दों को सुनेंगे। भाजपा की नजर भी इस माहौल पर है, और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि 18 से 19 वर्ष के पहले बार के मतदाताओं को यह समझाना जरूरी है कि पहले की सरकारों में परीक्षा, नौकरी और स्वरोजगार की स्थिति क्या थी। इस सबके बीच, राजनीतिक दलों की सक्रियता इस बात को दर्शाती है कि युवाओं का वोट बैंक कितना महत्वपूर्ण है। देश में कुल मतदाताओं की संख्या 96.88 करोड़ है, जिसमें 20 से 29 वर्ष के युवा मतदाता 19.74 करोड़ हैं। उत्तर प्रदेश में भी 18-19 वर्ष आयु के करीब 14.66 लाख मतदाता हैं।
















