Supreme Court seeks response from Center and States: मेडिकल डेटा लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों को नोटिस जारी किया है।
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में एक बड़े पैमाने पर मेडिकल डेटा लीक और साइबर हमले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि डेढ़ लाख से अधिक भारतीय नागरिकों के व्यक्तिगत और चिकित्सा रिकॉर्ड कथित तौर पर सिंगापुर स्थित एक सर्वर पर स्थानांतरित किए गए हैं। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील के परमेश्वर की दलीलें सुनने के बाद प्रतिवादियों से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराधों के लिए नए सिरे से विधायी समीक्षा की आवश्यकता हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि इस तरह के मामलों में उचित कानूनी ढांचे की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति बागची ने यह भी उल्लेख किया कि कोर्ट ने पूर्व में देश के सालिसिटर जनरल से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में आवश्यक संशोधनों पर विचार करने के लिए कहा था। याचिका में यह भी कहा गया है कि नागरिकों की संवेदनशील जानकारी जैसे आधार, पैन नंबर और चिकित्सा रिकॉर्ड लीक होने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले में बेसेमर वेंचर पार्टनर्स द्वारा प्रमोट की गई कंपनियों - रेमेडीनेट टेक्नोलाजीज, आइएचएक्स, मेडी असिस्ट और परफियोस - का नाम भी शामिल है, जो इस घटना से जुड़ी हुई हैं। यह मामला न केवल व्यक्तिगत गोपनीयता के उल्लंघन का सवाल उठाता है, बल्कि साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर भी गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
















