City Center at Prayagraj Junction: शहर की पहचान बनेगा प्रयागराज जंक्शन का सिटी सेंटर

प्रयागराज जंक्शन अब केवल ट्रेनों के आने-जाने का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि यह शहर का एक प्रमुख 'सिटी सेंटर' बनने जा रहा है। सिविल लाइंस साइड पर स्थित 45 मीटर ऊंची
प्रयागराज जंक्शन अब केवल ट्रेनों के आने-जाने का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि यह शहर का एक प्रमुख 'सिटी सेंटर' बनने जा रहा है। सिविल लाइंस साइड पर स्थित 45 मीटर ऊंची नौ मंजिला इमारत अब नए रूप में सजने के लिए तैयार है। रेलवे के वाणिज्य विभाग द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और अगस्त महीने में टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत 20,000 वर्ग मीटर में एक आधुनिक हैंगआउट जोन का निर्माण किया जाएगा, जो सभी उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। माघ मेला से पहले इसका एक हिस्सा तैयार हो जाएगा, जबकि पूरी परियोजना 24 महीनों में एक वाणिज्यिक केंद्र के रूप में विकसित होगी।
इस नए हैंगआउट जोन में फूड कोर्ट का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जहां प्रयागराज के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड के साथ-साथ विभिन्न लजीज व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा। इसके अलावा, गेमिंग जोन और टर्फ स्पोर्ट्स के तहत युवाओं के लिए वीआर गेम्स, रेसिंग सिमुलेटर और बाक्स क्रिकेट या बैडमिंटन के लिए टर्फ कोर्ट की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बच्चों के लिए फन पार्क में आधुनिक झूले, ब्रांडेड आउटलेट्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीप्लेक्स जैसी सुविधाएं भी होंगी। यह सभी सुविधाएं इस नए सिटी सेंटर को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेंगी।
इसके अलावा, तीसरी से नवीं मंजिल तक कारपोरेट ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध होगी, जो इस परिसर को एक बिजनेस एड्रेस के रूप में भी स्थापित करेगा। यह पूरा परिसर 'माड्यूलर कियोस्क' मॉडल पर आधारित होगा, जिससे स्टेशन की भव्यता और आकर्षण को बनाए रखा जा सके। प्रथम तल पर एक विशाल कानकोर्स का निर्माण किया जाएगा, जहां से यात्री 12 मीटर चौड़े स्काईवाक और एस्केलेटर के माध्यम से सीधे प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे। पूरी इमारत 'बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम' द्वारा नियंत्रित होगी और दिव्यांग यात्रियों के लिए पूरी तरह से सुलभ होगी। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि यह जंक्शन न केवल रेलवे के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनेगा, बल्कि शहर के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।

















