Paper Leak Allegations: पंजाब फार्मेसी भर्ती परीक्षा का मामला हाईकोर्ट में

पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, विपक्षी पार्ट
पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। इस मामले में दायर याचिका में परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, जबकि सरकार इसे नकल का मामला बताकर अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में यह मामला राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और उन्होंने इस परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि हाल ही में आयोजित फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा को रद्द किया जाए। अदालत ने इस मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है और कहा है कि चयन प्रक्रिया का फैसला हाई कोर्ट में लंबित रिट याचिका के परिणाम पर निर्भर करेगा। यदि अदालत याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला देती है, तो इसका सीधा असर चयन प्रक्रिया पर पड़ेगा। वहीं, अगर याचिका खारिज हो जाती है, तो मौजूदा चयन प्रक्रिया यथावत बनी रहेगी। इस मामले में विपक्ष का कहना है कि परीक्षा में नकल के आरोप गंभीर हैं और सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए।
फार्मेसी ऑफिसर की परीक्षा 19 जुलाई को आयोजित की गई थी, जिसमें नकल के आरोपों के चलते पुलिस ने 35 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह मामला तब से ही राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष इसे पेपर लीक का मामला बता रहा है, जबकि सरकार इसे नकल की घटना मानते हुए अपनी सफाई पेश कर रही है। इस मामले में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सभी की नजरें हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
















