Punjab tree cutting law: घर के पेड़ काटने के लिए अब लेनी होगी अनुमति, जुर्माना 50 हजार तक

पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पेड़ों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल, 2026 को मंजूरी दी है। इस नए कानून के तहत,
पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पेड़ों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल, 2026 को मंजूरी दी है। इस नए कानून के तहत, शहरी निवासियों को अपने घर या निजी परिसर में अधिकांश पेड़ काटने से पहले अनुमति प्राप्त करनी होगी। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति पेड़ काटता है, तो उसे पहली बार 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
प्रस्तावित बिल में उल्लिखित है कि दूसरी बार उल्लंघन करने पर 35,000 रुपये और तीसरी बार या उसके बाद हर उल्लंघन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को पेड़ काटने की अनुमति मिल जाती है, तो उसे हर एक पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाने होंगे। यदि उसके पास पर्याप्त जगह नहीं है, तो वह पड़ोसी की सहमति से या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पौधारोपण कर सकता है।
अगर यह भी संभव नहीं है, तो उसे प्रति पेड़ 1,800 रुपये वन विभाग के पास जमा कराने होंगे, जिसके बाद विभाग पौधे लगाएगा और उनकी देखभाल करेगा। यदि लगाए गए पौधों का रखरखाव नहीं किया गया, तो प्रति पौधा 2,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कानून केवल पंजाब के शहरी क्षेत्रों में लागू होगा, जबकि ग्रामीण इलाकों को इससे बाहर रखा गया है।
प्रस्तावित कानून के अंतर्गत हर शहरी निकाय में ट्री प्रोटेक्शन ऑफिसर (TPO) नियुक्त किए जाएंगे। आमतौर पर यह जिम्मेदारी नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारियों को दी जाएगी। यदि कोई पेड़ जान-माल के लिए तत्काल खतरा बनता है, तो आवेदन पर 7 दिनों के भीतर फैसला लिया जाएगा। अन्य मामलों में 30 दिनों के भीतर अनुमति दी जाएगी या आवेदन खारिज किया जाएगा।
बिल में कुछ व्यावसायिक रूप से उगाई जाने वाली प्रजातियों को अनुमति लेने की शर्त से बाहर रखा गया है, जिनमें यूकेलिप्टस, पॉपलर, बांस, सुबाबुल, नीम, और डेक शामिल हैं। पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य में वन और वृक्ष आवरण को मौजूदा 5.92 प्रतिशत से बढ़ाकर 2030 तक 7.5 प्रतिशत करना है।
















