Defense Ministry allocates ₹41,672 crores for Army capital budget: सेना का कैपिटल बजट पूरा खर्च, 2026-27 में 41672 करोड़ का आवंटन

वित्त वर्ष 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को कुल 7.84 लाख करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है, जिसमें डिफेंस सर्विसेज के लिए लगभग 5.84 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए ग
वित्त वर्ष 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को कुल 7.84 लाख करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है, जिसमें डिफेंस सर्विसेज के लिए लगभग 5.84 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस वर्ष सेना के रेवेन्यू बजट में 2,41,968.98 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि कैपिटल बजट के लिए 41,672.94 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पिछले वर्ष सेना को रेवेन्यू मद में 2,06,200 करोड़ रुपये मिले थे, जो कि इस बार 35,769 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्शाता है।
सेना के नॉन-सैलरी खर्च के लिए 2026-27 में 85,841 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 60,672 करोड़ रुपये थी। नॉन-सैलरी बजट से सेना की राशन, ईंधन, परिवहन, सामान और ट्रेनिंग जैसी आवश्यकताएं पूरी होती हैं। इस बार सेना ने कैपिटल बजट के लिए 41,672.94 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसे रक्षा मंत्रालय ने पूरी तरह से आवंटित कर दिया है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2023-24 से सेना को कैपिटल बजट में उसकी मांग के अनुसार 100 फीसदी आवंटन किया जा रहा है। इस फंड का उपयोग नए और आधुनिक हथियारों की खरीद, सैन्य क्षमता बढ़ाने और सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
संसदीय समिति ने ऑपरेशन सिंदूर में सेना की भूमिका की सराहना की है और सरकार से आग्रह किया है कि आने वाले वर्षों में सेना के कैपिटल बजट को बढ़ाया जाए। समिति ने सुझाव दिया कि भारत का रक्षा खर्च पड़ोसी देशों के रक्षा खर्च के अनुसार होना चाहिए। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत के रक्षा बजट की तुलना सीधे पड़ोसी देशों से करना उचित नहीं है।
















