Rahul Gandhi targets central government: Gen Z को डरा-धमकाकर चुप नहीं करा सकते

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर हुए धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर हुए धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है कि वे जनरेशन जेड (Gen Z) को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, "PM मोदी और अमित शाह, आप Gen Z को डरा-धमकाकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप FIR दर्ज कर रहे हैं और उनके अकाउंट्स बंद करवा रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा बर्ताव करते हैं, इसे लेकर सावधान रहें।" यह बयान उस समय आया है जब देश भर के युवाओं ने नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था। 20 जुलाई को जब छात्र जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे, तब पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा। इस घटना ने पूरे देश में युवा वर्ग के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है।
राहुल गांधी ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को लगातार घेरते हुए आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं के भविष्य और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय का अधिकार है और उनके साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। राहुल गांधी का यह बयान उस समय आया है जब देश में शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं में गहरी चिंता और असंतोष है। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज को सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि युवा भारत का भविष्य हैं और उनके साथ इस तरह का बर्ताव करना देश के लिए नुकसानदायक है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की मांगों को समझे और उनके साथ संवाद स्थापित करे, न कि उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करे। इस प्रकार की कार्रवाई से केवल असंतोष और विरोध ही बढ़ेगा। उन्होंने सभी छात्रों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने की अपील की।
















