Rainfall Threat in Hamirpur: बरसात में खतरा बने 149 पेड़ हटाए, वन विभाग ने तेज की कार्रवाई

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बरसात के मौसम में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने खतरा बने पेड़ों को हटाने की कार्रवाई को तेज कर द
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बरसात के मौसम में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने खतरा बने पेड़ों को हटाने की कार्रवाई को तेज कर दिया है। अब तक जिले में 149 ऐसे पेड़ों को काटकर हटा दिया गया है, जो जीवन के लिए खतरा बन चुके थे। इनमें मुख्य रूप से सड़क किनारे झुके हुए पेड़ और बारिश तथा तेज हवाओं के कारण गिरे हुए पेड़ शामिल हैं। इन पेड़ों के गिरने से वाहन चालकों, राहगीरों और आसपास के घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक 79 झुके हुए पेड़ों को काटा गया है, जबकि 70 गिरे हुए पेड़ों को हटाया गया है। यह कार्रवाई विभाग द्वारा किए गए सर्वे के बाद शुरू की गई है। बरसात के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पेड़ों के गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे सड़क मार्ग बाधित होने के साथ-साथ जान-माल के नुकसान का खतरा भी बढ़ता है। विभाग को जब भी शिकायत मिलती है, तब ऐसे पेड़ों को हटाने का कार्य किया जाता है।
हालांकि, 149 पेड़ों को हटाने के बाद भी जिले के कुछ हिस्सों में अभी भी कई पेड़ खतरा बने हुए हैं। वन विभाग की टीम ने ऐसे पेड़ों को चिह्नित कर उनकी हटाने की प्रक्रिया जारी रखी है। कोटजिले में 149 डेंजर टू लाइफ पेड़ काटे जा चुके हैं। बरसात के मौसम में पेड़ों के गिरने से वाहन चालकों और घरों को खतरा बना हुआ था। विभाग ने जिलेभर में सर्वे कर इन खतरनाक पेड़ों को हटाने का कार्य किया है। शिकायत मिलने पर ऐसे पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर काटा जाता है, जो डेंजर टू लाइफ श्रेणी में आते हैं। इस संबंध में डीएफओ अंकित सिंह ने बताया कि विभाग की कोशिश है कि सभी खतरा बने पेड़ों को जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
वन विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में राहत की भावना है। लोग अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि बारिश के मौसम में पेड़ों के गिरने से होने वाले संभावित नुकसान की आशंका कम हो गई है। विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी खतरनाक पेड़ों की पहचान की जाए और उन्हें समय पर हटाया जाए। इससे न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। वन विभाग की इस पहल को लेकर स्थानीय निवासियों ने विभाग की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
















