Ground Report: रांची में जंतर-मंतर जैसा प्रोटेस्ट! तंबू-बिस्तर लेकर डटे JPSC- JSSC अभ्यर्थी

रांची में दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर चल रहे छात्र आंदोलन ने पिछले कुछ दिनों से जोर पकड़ लिया है। यह आंदोलन jpsc और jssc में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश
रांची में दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर चल रहे छात्र आंदोलन ने पिछले कुछ दिनों से जोर पकड़ लिया है। यह आंदोलन JPSC और JSSC में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह के रूप में सामने आया है। प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल पर टेंट और बिस्तर लगाकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। टेंट के अंदर भगत सिंह, बिरसा मुंडा और बाबा साहेब की तस्वीरें लगी हुई हैं, जो इस आंदोलन की प्रेरणा का प्रतीक हैं। मंच पर संविधान का मूल भाव भी लिखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह आंदोलन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। प्रदर्शनकारी छात्र सुबह से ही धरना स्थल पर जुटने लगे हैं, और टेंट के अंदर बिजली और पंखों की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा, एक बड़ा वाटरप्रूफ पंडाल भी लगाया गया है, जिससे छात्रों को बारिश से बचने में मदद मिलेगी।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अब उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। JPSC और JSSC की सीटों को लेकर उनका आरोप है कि ये सीटें बेची जा रही हैं। छात्रों का मानना है कि सिस्टम से लड़कर ही वे अपने हक की लड़ाई जीत सकते हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरी अब उनके लिए एक सपना बन चुकी है, क्योंकि हर परीक्षा के बाद विवाद उठता है। रांची, हजारीबाग और रामगढ़ के मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए यह निराशा का कारण बन गया है। छात्रों ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने उन्हें प्रेरित किया है और उन्हें विश्वास है कि सरकार उनके सामने झुकेगी।
इस आंदोलन में शामिल छात्राओं ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें धरना स्थल पर आने से नहीं रोका, क्योंकि यह आम छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। हजारीबाग और रामगढ़ से आए छात्रों ने कहा कि उनके परिवारों ने आर्थिक सहयोग देकर उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। समाज के विभिन्न वर्गों से छात्रों को सहयोग मिल रहा है, जिसमें खाने-पीने की व्यवस्था भी शामिल है। छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन अब जोर पकड़ता जा रहा है और वे आर-पार की लड़ाई लड़कर ही वापस जाएंगे। जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो चुके अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। यहां बिस्तर और व्यवस्थित पंडाल लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह लंबा चलेगा।
















