Ration Scam in Meerut: राशन की दुकान से गायब 448 कुंतल गेहूं और चावल का स्टॉक, सचिव और विक्रेता पर FIR

मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में राशन की कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की एक उचित दर दुकान से करीब 448.70 कुंतल गेहूं और चावल का स्टॉक गायब पाय
मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में राशन की कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की एक उचित दर दुकान से करीब 448.70 कुंतल गेहूं और चावल का स्टॉक गायब पाया गया है। इस मामले की जांच के बाद, जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति से समिति के सचिव और अधिकृत विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला तब सामने आया जब इस्लामाबाद प्रथम स्थित मैसर्स आजाद उपभोक्ता सहकारी समिति की उचित दर दुकान से राशन का हस्तांतरण खुर्शीदा बेगम की दुकान पर किया जाना था। हालांकि, इस प्रक्रिया में कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद राशन का हस्तांतरण नहीं किया गया। 30 जुलाई को क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकृत विक्रेता विकास सक्सैना से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद समिति के सचिव राहत अली की मौजूदगी में दुकान की जांच की गई। जांच के दौरान दुकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद पाया गया और अंदर राशन दुकान का बोर्ड रखा था, जबकि फर्श पर गेहूं और चावल बिखरे हुए मिले। स्टॉक में एक भी बोरी खाद्यान्न मौजूद नहीं थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राशन की कालाबाजारी की गई है।
जांच के दौरान ऑनलाइन स्टॉक और ई-पास मशीन के रिकॉर्ड के मिलान में पाया गया कि दुकान में 268.77 कुंतल गेहूं और 179.93 कुंतल चावल, कुल 448.70 कुंतल खाद्यान्न उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन पूरा स्टॉक गायब मिला। पूर्ति विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को भेज दी है। इसके बाद चार अगस्त को समिति के सचिव राहत अली और अधिकृत विक्रेता विकास सक्सैना के खिलाफ लिसाड़ीगेट थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई से यह साफ है कि राशन की कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
















