Resignation is just the beginning: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का बयान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे सकारात्मक बदल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बताया है। वांगचुक के अनुसार, इस्तीफा अपने आप में कोई अंतिम समाधान नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि यदि इस बिंदु से समस्या को स्वीकार कर उसका समाधान किया जाए, तो देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार संभव है। वांगचुक ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार तथा संबंधित पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद के माध्यम से ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके।
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर वांगचुक ने जोर देते हुए कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और गंभीर विचार-विमर्श होना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी बड़े सुधार से पहले सभी पक्षों की राय लेकर उचित निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी हितधारकों को अपनी बात रखने का मौका मिले, ताकि सुधार की प्रक्रिया में सभी की भागीदारी हो सके। वांगचुक ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।














