Road construction projects stalled: औरंगाबाद में 46 करोड़ की रिंग रोड समेत तीन सड़क योजनाएं अधर में

औरंगाबाद जिले में सड़क निर्माण की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भूअर्जन की प्रक्रिया में ठप पड़ी हैं। मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं का अब तक का
औरंगाबाद जिले में सड़क निर्माण की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भूअर्जन की प्रक्रिया में ठप पड़ी हैं। मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं का अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। इन योजनाओं में देव स्थित सूर्यकुंड व रूद्रकुंड से नव निर्मित स्टेट हाइवे-101 तक फोरलेन सड़क निर्माण तथा देव रिंग रोड जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शामिल हैं। दोनों परियोजनाओं का टेंडर हो जाने के बावजूद जमीन अधिग्रहण पूरा नहीं होने से काम शुरू नहीं हो पाया है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार लगभग एक किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण की प्राक्कलित राशि 10 करोड़ 6 लाख रुपये तय की गई थी। संवेदक ने इसे करीब 32 प्रतिशत कम दर पर लेने का कार्यादेश प्राप्त किया है। वहीं, लगभग 8.60 किलोमीटर लंबी रिंग रोड की प्राक्कलित राशि 46 करोड़ 61 लाख रुपये है, जिसे भी करीब 28 प्रतिशत कम दर पर लिया गया है। करीब आठ किलोमीटर लंबी रफीगंज बाईपास योजना, जिसकी लागत 37 करोड़ 91 लाख रुपये आंकी गई है, वह भी अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि गया जिले के विधायक मनोरमा देवी के पुत्र की रमिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इन तीनों परियोजनाओं का टेंडर लिया है। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. गोपाल सिंह के अनुसार, सभी परियोजनाएं फिलहाल भूअर्जन की प्रक्रिया में फंसी हुई हैं। जैसे ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी और निर्माण एजेंसी को भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी, कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फोरलेन सड़क का निर्माण नौ माह, जबकि रिंग रोड और रफीगंज बाइपास का निर्माण 18-18 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। हालांकि यह समयसीमा तभी संभव है, जब कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके। जिला भूअर्जन पदाधिकारी के अनुसार तीनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।















