Solar Project Tariff Dispute: सोलर प्रोजेक्टों पर टैरिफ विवाद, UERC ने UREDA से मांगा रिकॉर्ड

देहरादून में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएसवाई) के अंतर्गत स्थापित 200 किलोवाट क्षमता वाले 10 सौर ऊर्जा संयंत्रों के टैरिफ विवाद ने एक नया मोड़ लिया है
देहरादून में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएसवाई) के अंतर्गत स्थापित 200 किलोवाट क्षमता वाले 10 सौर ऊर्जा संयंत्रों के टैरिफ विवाद ने एक नया मोड़ लिया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने इन परियोजनाओं के आवंटन से लेकर कमीशनिंग तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यूरेडा (उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण) से विस्तृत रिपोर्ट और प्रोजेक्ट मानिटरिंग रिकॉर्ड मांगा है। आयोग का मानना है कि सभी याचिकाओं में समान तथ्य और मुद्दे हैं, इसलिए इनकी एक साथ सुनवाई की जाएगी। इस संदर्भ में आयोग ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा अनुरोध किया गया है कि उनके संयंत्रों के लिए 4.64 रुपये प्रति यूनिट की लागू टैरिफ दर को संरक्षित रखा जाए। यह मामला न केवल संबंधित परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे अन्य सौर परियोजनाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत स्थापित 200 किलोवाट क्षमता वाले 10 सोलर पावर प्रोजेक्टों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की गई। आयोग ने यूरेडा को निर्देश दिया है कि वह 10 अगस्त 2026 तक प्रत्येक परियोजना का आवंटन से लेकर पूर्ण होने तक का क्रमवार विवरण, प्रोजेक्ट मानिटरिंग रिपोर्ट तथा अन्य संबंधित अभिलेखों सहित आयोग के समक्ष प्रस्तुत करे। यह कदम आयोग द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए उठाया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रक्रियाओं की जानकारी शामिल होगी, जिसमें क्षमता आवंटन, विभिन्न अनुमोदन, निर्माण कार्य और परियोजनाओं की कमीशनिंग तक की सभी प्रक्रियाएं शामिल होंगी।
















