Tarun Tejpal's Defense: तरुण तेजपाल ने अपने बचाव में लिया उमर खालिद-शरजील इमाम का नाम

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत उन्हें सज
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत उन्हें सजा सुनाई है। तेजपाल को धारा 376(2)(f) के तहत 10 साल की कठोर कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, धारा 376(2)(k) के तहत भी उन्हें 10 साल की कठोर कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना दिया गया है। इस फैसले के बाद, तेजपाल ने अपने बचाव में उमर खालिद और शरजील इमाम का नाम लिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और यह सब एक साजिश का हिस्सा है। तेजपाल का कहना है कि पिछले 13 वर्षों से उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्रकारिता को बंद कर दिया गया है और उनके काम को रोक दिया गया है। तेजपाल ने यह आरोप लगाया कि तहलका ने ऐसी पत्रकारिता की है, जिससे कुछ राजनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते उन्हें इस प्रकार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
तेजपाल ने यह भी कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे कई अन्य लोग भी जेल में बंद हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई लोग हैं जो अन्याय का शिकार हुए हैं और वह भी उनमें से एक हैं। तेजपाल ने कहा कि उनकी उम्र 62 वर्ष हो गई है और उन्होंने नरमी बरतने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, 'मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना है कि मैं पीड़ित हूं। मेरी पत्नी है, और इसके अलावा कहने के लिए बहुत कुछ नहीं है।' तेजपाल ने न्यायालय से अपील की कि उन्हें नरमी से देखा जाए और उनके मामले पर विचार किया जाए।
















