Timeline of the Brij Bhushan Case: जंतर-मंतर पर विनेश-साक्षी के आंदोलन से अदालत के फैसले तक

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ वर्ष 2023 में ओलिंपियन विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों के जंतर-मंतर पर
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ वर्ष 2023 में ओलिंपियन विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठने के बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। यह मामला तब शुरू हुआ जब पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ आवाज उठाई। उनके धरने ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया और अंततः न्यायालय का ध्यान भी खींचा। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए जून 2023 में लगभग 1500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपपत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए, 354डी और 506 के तहत बृजभूषण सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाया गया। आरोपपत्र में कुल 32 गवाहों के बयान शामिल थे, जिनमें शिकायतकर्ता पहलवानों के अलावा जांच अधिकारी और अन्य सरकारी गवाह भी शामिल थे। सुनवाई का यह मामला बंद अदालत कक्ष में हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला कितना संवेदनशील था। सुनवाई के दौरान अदालत ने एक शिकायतकर्ता से जुड़े आरोपों में पहले ही आरोप तय करने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा, दो शिकायतकर्ता बाद में अपने पहले के बयानों से मुकर गई थीं, जिससे मामला और भी जटिल हो गया। इसके बावजूद, शेष शिकायतों पर मुकदमा चलता रहा और अंतिम बहस इसी साल दो जुलाई को पूरी हुई थी। अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए बाद की तारीख तय की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पहलवानों के लिए बल्कि पूरे खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया है। पहलवानों के आंदोलन ने समाज में यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई है और यह दर्शाता है कि अब लोग अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए तैयार हैं। बृजभूषण के खिलाफ यह मामला खेलों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत का फैसला क्या होता है और यह कैसे खेल जगत में बदलाव लाएगा।
















