Kangana Ranaut accuses Rahul Gandhi: राहुल गांधी देश के लिए सबसे बड़ा खतरा, कंगना रनौत ने छात्रों को भड़काने के लगाए आरोप

डिजिटल डेस्क, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने झारखंड में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व
डिजिटल डेस्क, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने झारखंड में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का यह आंदोलन बेहद महत्वपूर्ण है। कंगना ने इस आंदोलन को लेकर कहा कि 'हमारे जेन-जी' बच्चे वास्तव में कई तरह की पीड़ा सहन कर रहे हैं। यह समस्या कई दशकों से चली आ रही है और हर जगह ऐसी ही स्थितियां बनी हुई हैं। कंगना ने कांग्रेस पार्टी पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि छात्रों की स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यहां आकर केवल तमाशा किया है और वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं किया है।
कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वहां नहीं जा रहे हैं, लेकिन जब बच्चों को उकसाने की बात आती है, तो वह सबसे पहले सामने आते हैं। कंगना ने यह भी कहा कि राहुल गांधी देश के लिए खतरा बनकर उभरते हैं, जब बात छात्रों के आंदोलन की होती है। उन्होंने दिल्ली में हुए आंदोलन के दौरान राहुल गांधी के बयानों पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे बयानों से छात्रों के आंदोलन को और भड़काने का काम किया जा रहा है। कंगना ने यह स्पष्ट किया कि इस तरह के बयानों से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि यह केवल स्थिति को और बिगाड़ेगा।
कंगना रनौत ने अपने बयान में यह भी कहा कि छात्रों को अपनी आवाज उठाने का हक है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय है जब सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और उनके लिए उचित समाधान निकालना चाहिए। कंगना ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि छात्र अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी को उजागर करने में पीछे नहीं हटेंगे। इस प्रकार, कंगना ने न केवल छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक नेताओं को छात्रों की आवाज को सुनना चाहिए और उनके मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए।
















