Unveiling of Statue: राष्ट्रपति मुर्मु ने किया गोपबंधु दास की प्रतिमा का अनावरण

दक्षिणी दिल्ली के लाजपत भवन में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाज सुधारक गोपबंधु दास की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर
दक्षिणी दिल्ली के लाजपत भवन में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाज सुधारक गोपबंधु दास की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने लोकसेवक मंडल के संस्थापक लाला लाजपत राय की प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। गोपबंधु दास, जिन्हें उत्कलमणि के नाम से भी जाना जाता है, का जीवन लोकसेवा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उनकी यह प्रतिमा 75 किलोग्राम वजनी कांस्य की बनी हुई है और यह दिल्ली में स्थापित की गई पहली प्रतिमा है। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस समारोह के दौरान लोकसेवक मंडल के सदस्यों से भी मुलाकात की और उनकी कुशलक्षेम पूछी। गोपबंधु दास ने अपने जीवन में गरीबों, किसानों और अनाथों की सेवा को प्राथमिकता दी और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सत्यवादी विद्यालय की स्थापना की और पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को जागरूक किया। उनके योगदान के कारण उन्हें ओडिशा का रत्न की उपाधि दी गई।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने गोपबंधु दास के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें निस्वार्थ सेवा और जनकल्याण के प्रति प्रेरित करता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे गोपबंधु दास के सिद्धांतों का पालन करें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, लोकसेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा और सचिव रमानाथ झा भी उपस्थित थे। सभी ने गोपबंधु दास के जीवन और कार्यों की सराहना की और उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प लिया।
















