UP Transport Corporation's Major Initiative: अब बस स्टेशनों की खाली जमीन पर बनेंगे अस्पताल, होटल और एजुकेशन हब

धर्मेश अवस्थी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने अपनी अनुपयोगी भूमि का उपयोग अब सार्वजनिक हित में करने का निर्णय लिया है। राज्य के कई शहरों में बस स्टेशनों का स
धर्मेश अवस्थी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने अपनी अनुपयोगी भूमि का उपयोग अब सार्वजनिक हित में करने का निर्णय लिया है। राज्य के कई शहरों में बस स्टेशनों का संचालन बंद हो चुका है, जिसके कारण वहां की जमीनें बेकार पड़ी थीं। अब इन जमीनों पर अस्पताल, वेयरहाउस, शिक्षा संस्थान और होटल जैसे महत्वपूर्ण निर्माण किए जाएंगे। इसके लिए निगम ने एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन खाली भूखंडों का बेहतर उपयोग करना है। लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन पर बसों की आवाजाही में अक्सर भीषण जाम की समस्या आती है। जानकीपुरम बस स्टेशन के निर्माण में देरी के कारण कैसरबाग का संचालन प्रभावित हो रहा है। भविष्य में इस तरह की खाली जमीनों का उपयोग पार्किंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है।
परिवहन निगम ने बाराबंकी और रायबरेली जैसे जिलों में भी बस स्टेशनों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए, निगम ने देवरिया जिले के गौरी बाजार बस स्टेशन की 3880 वर्ग मीटर भूमि को अस्पताल, होटल और शिक्षा संस्थान बनाने के लिए ई-निविदा जारी की है। गौरतलब है कि यह बस स्टेशन 1993 से स्थायी रूप से बंद था, जिसका कारण फ्लाईओवर निर्माण के चलते बसों का वहां तक न पहुंच पाना था। अब इस भूमि का उपयोग करके निगम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि वहां अवैध कब्जे न हों। इसके लिए निगम ने बिल्ड यूज ट्रांसफर मॉडल तैयार किया है।

















