Voter List Revision: 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एक करोड़ वोटर्स के नाम कटने की संभावना

भारत में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (ec) ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनर
भारत में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (EC) ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया है। इस अभियान के तहत एक करोड़ बारह लाख से अधिक नामों के कटने की संभावना जताई जा रही है। आयोग का मुख्य उद्देश्य फर्जी और गलत नामों को हटाकर मतदाता सूची को सही करना है। इस प्रक्रिया के दौरान, आयोग ने ड्राफ्ट रोल और ASDDOF सूची जारी की है, जिसमें उन लोगों के नाम शामिल हैं जो अनुपस्थित हैं, जिनका स्थानांतरण हो चुका है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जो विदेशी नागरिक हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल वैध और असली मतदाता ही सूची में बने रहें।
कर्नाटक में इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का सबसे बड़ा प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां लगभग 19.95 प्रतिशत यानी लगभग 1.10 करोड़ वोटर्स को नोटिस भेजा गया है। यह आंकड़ा राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग एक-पांचवां हिस्सा है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में 10.78 प्रतिशत यानी करीब 45 लाख वोटर्स दावों और आपत्तियों के दायरे में हैं। हरियाणा में भी 16.3 प्रतिशत यानी लगभग 38.8 लाख वोटर्स इस समय वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। उत्तराखंड में भी इस प्रक्रिया के दौरान 8 लाख से अधिक नामों के कटने का अनुमान है। मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण करीब 20 प्रतिशत लोगों के पते बदल गए हैं।
















