Water Wars Escalate: होर्मुज और ब्लैक सी में संघर्ष की नई लहर

आज की दुनिया में युद्ध की परिभाषा बदल चुकी है। अब केवल भूमि और वायु के युद्ध ही नहीं, बल्कि समुद्र में भी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। समुद्री मार्गों पर
आज की दुनिया में युद्ध की परिभाषा बदल चुकी है। अब केवल भूमि और वायु के युद्ध ही नहीं, बल्कि समुद्र में भी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। समुद्री मार्गों पर नियंत्रण के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तकरार और ब्लैक सी में रूस और यूक्रेन के बीच हो रहे समुद्री हमले इस बात के स्पष्ट उदाहरण हैं। ये घटनाएं न केवल इन क्षेत्रों में बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा की कीमतों और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह से बाधित हो सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट माना जाता है, वहां से प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत है। 2026 में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने इसे युद्धक्षेत्र बना दिया है। ईरान ने कई बार इस जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है और अमेरिका ने इसके खिलाफ नौसैनिक ब्लॉकेड लागू किया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले सभी जहाजों पर रोक लगा दी थी, जिसके परिणामस्वरूप तेल टैंकरों की आवाजाही में भारी कमी आई है। इससे वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और महंगाई का नया दौर शुरू हो गया है।
















