Wild Elephants Rampage in Simdega: ग्रामीणों में दहशत का माहौल, घरों और अनाज को पहुंचाया नुकसान

जलडेगा (सिमडेगा) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात को परबा पंचायत के पोमिया गांव में 22 जंगली हाथियों का एक झुंड पहुंच गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में द
जलडेगा (सिमडेगा) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात को परबा पंचायत के पोमिया गांव में 22 जंगली हाथियों का एक झुंड पहुंच गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। इस झुंड में लगभग 20 वयस्क हाथी और दो छोटे हाथी शामिल थे। जैसे ही यह घटना हुई, वन विभाग के प्रभारी फॉरेस्टर हेमंत कुमार ने अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हाथियों के आगमन से गांव में अफरा-तफरी मच गई, और ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। वन विभाग ने इस संकट से निपटने के लिए आवश्यक सामग्री जैसे जला मोबिल, जूट बोरा, डीजल, तार, टॉर्च और मशाल बनाने की सामग्री वितरित की, ताकि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ा जा सके। यह कदम ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था।
रात करीब 10:30 बजे, हाथियों का एक समूह पोमिया मुंडाटोली निवासी बुधेश्वर नाग के घर तक पहुंच गया और उनके पक्के मकान की खिड़की को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से हाथियों के झुंड को गांव से बाहर निकालने में सफलता मिली। हाथियों को बांसजोर प्रखंड के डोंगापानी क्षेत्र की ओर भेजा गया, जिससे गांव में शांति बहाल हो सकी।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और हाथियों की गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें। यह घटना जंगली हाथियों के मानव बस्तियों के करीब आने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जो स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। वन विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से यह स्पष्ट है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। इस घटना ने यह भी दिखाया कि जब वन विभाग और स्थानीय समुदाय एक साथ काम करते हैं, तो वे जंगली जानवरों के साथ सह-अस्तित्व की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
















