Controversial Faisalabad Test: पाकिस्तानी अंपायर ने माइक गैटिंग पर चीटिंग का आरोप लगाया

क्रिकेट को 'जेंटलमैन गेम' कहा जाता है, लेकिन इसके इतिहास में कुछ विवादास्पद घटनाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने इस खेल की छवि को प्रभावित किया है। ऐसा ही एक मामला दि
क्रिकेट को 'जेंटलमैन गेम' कहा जाता है, लेकिन इसके इतिहास में कुछ विवादास्पद घटनाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने इस खेल की छवि को प्रभावित किया है। ऐसा ही एक मामला दिसंबर 1987 में पाकिस्तान के फैसलाबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान हुआ, जब इंग्लैंड के कप्तान माइक गैटिंग और पाकिस्तान के अंपायर शकूर राणा के बीच तीखी बहस हुई।
इस मैच के दौरान, माइक गैटिंग और शकूर राणा एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े होकर बहस करते हुए दिखाई दिए। यह घटना इतनी गंभीर हो गई कि इसने न केवल मैच का माहौल प्रभावित किया, बल्कि यह टेस्ट क्रिकेट के सबसे विवादास्पद मुकाबलों में से एक बन गया। उस समय इंग्लैंड और पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्डों के बीच भी तनाव था, जो पहले ही कई विवादों का सामना कर चुके थे।
फैसलाबाद टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड ने पहली पारी में 292 रन बनाए थे और पाकिस्तान 106 रन पर पांच विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था। माइक गैटिंग ने एक अतिरिक्त ओवर करवाने का फैसला किया और ऑफ स्पिनर एडी हेमिंग्स को गेंदबाजी के लिए बुलाया। गेंद फेंके जाने से पहले, गैटिंग ने नॉन-स्ट्राइकर सलीम मलिक को संकेत दिया कि वह लॉन्ग लेग पर खड़े डेविड कैपल को बुला रहे हैं। हालांकि, जब हेमिंग्स रन-अप में थे, गैटिंग ने इशारे से कैपल को रुकने का संकेत दिया।
इस पर अंपायर शकूर राणा ने इसे चीटिंग मानते हुए खेल को रोक दिया और 'डेड बॉल' घोषित कर दिया। गैटिंग ने राणा से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन राणा ने कहा, 'तुम चीटर हो।' इस पर गैटिंग ने जवाब दिया कि उन्होंने केवल कैपल को रुकने का इशारा किया था। यह विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें अपशब्दों का प्रयोग भी हुआ।
















