Sakshi Chaudhary Dhanda's Glory in Glasgow: कनाडाई बॉक्सर को हराकर फाइनल में पहुंची साक्षी

सुरेश मेहरा, भिवानी। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना की मुक्केबाज साक्षी चौधरी ढांडा ने जब कनाडा की अंबर-जेन वाल के खिलाफ रिंग में कदम रखा, तो उन्होंन
सुरेश मेहरा, भिवानी। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना की मुक्केबाज साक्षी चौधरी ढांडा ने जब कनाडा की अंबर-जेन वाल के खिलाफ रिंग में कदम रखा, तो उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह कितनी सक्षम हैं। धनाना गांव की इस बेटी ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल अपने परिवार को गर्वित किया, बल्कि पूरे देश का सिर भी ऊँचा किया। जैसे ही उन्होंने मुकाबले की शुरुआत की, उनके परिवार के सदस्य, जो हजारों किलोमीटर दूर अपने घर में बैठे थे, हर पंच के साथ उनकी जीत की दुआ मांग रहे थे। मां शीला देवी ने हाथ जोड़कर बेटी की सफलता की कामना की, जबकि पिता मनोज कुमार की निगाहें टीवी स्क्रीन से हटने का नाम नहीं ले रही थीं। भाई विनीत, राहुल, अमित और भाभी प्रिया ने भी पूरे मुकाबले को ध्यान से देखा। साक्षी ने महिला 51 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में अंबर-जेन को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जिससे उनका रजत पदक पक्का हो गया है। अब उनकी नजर स्वर्ण पदक पर है।
साक्षी ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उनके तेज फुटवर्क, सटीक पंच और रिंग में उनकी तकनीकी कुशलता ने कनाडाई मुक्केबाज को मुकाबले में कोई मौका नहीं दिया। पांचों जजों ने सर्वसम्मति से साक्षी के पक्ष में फैसला सुनाया, जो उनकी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। जैसे ही जीत की घोषणा हुई, धनाना गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। घर में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी और फोन लगातार बजते रहे। पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि साक्षी की सफलता ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे गांव को गर्वित किया है। खेल प्रेमियों का कहना है कि साक्षी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भिवानी की धरती आज भी विश्वस्तरीय मुक्केबाजों को जन्म देती है।
















