Iran War Reaches Egypt: डामिएटा पोर्ट पर अमेरिकी गैस टैंकर पर ड्रोन अटैक

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। यह युद्ध जो पहले केवल फारस की खाड़ी तक सीमित था, अब भूमध्य सागर और मिस्र
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। यह युद्ध जो पहले केवल फारस की खाड़ी तक सीमित था, अब भूमध्य सागर और मिस्र के महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों तक फैलता दिख रहा है। हाल ही में, बुधवार को मिस्र के डामिएत्ता पोर्ट पर खड़े एक अमेरिकी गैस टैंकर पर ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले के परिणामस्वरूप वहां भीषण विस्फोट हुआ और आग लग गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह क्षेत्र में बढ़ते तनाव का संकेत है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म 'एम्ब्रे' के अनुसार, यह हमला अमेरिका के 'एनर्जोस विंटर' नामक फ्लोटिंग स्टोरेज टैंकर पर हुआ। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आग पास के एक अन्य LNG वाहक 'गैसलाग सेलम' और एक टगबोट तक फैल गई। दमकलकर्मियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया और जहाजों पर मौजूद नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
मिस्र के पेट्रोलियम मंत्री करीम बदावी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद डामिएत्ता पोर्ट का दौरा किया। हालांकि, मिस्र के पेट्रोलियम और खनिज संसाधन मंत्रालय ने आग पर काबू पाने की पुष्टि तो की, लेकिन उन्होंने इस बात का कोई उल्लेख नहीं किया कि यह हादसा ड्रोन हमले के कारण हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन मिस्र जैसे शांतिप्रिय देश में ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के ठिकानों पर संयुक्त हमले किए थे।



















