AI is an Essential Future Need: भविष्य की अनिवार्य जरूरत है एआई

लखनऊ। बदलती हुई वैश्विक परिप्रेक्ष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल एक विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि यह भविष्य की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। मुख्
लखनऊ। बदलती हुई वैश्विक परिप्रेक्ष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल एक विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि यह भविष्य की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सोमवार को आईआईएम लखनऊ के 42वें स्थापना दिवस समारोह में यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो देश, राज्य, संस्थान और बच्चे एआई से दूरी बनाए रखेंगे, वे प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पीछे रह जाएंगे। अवनीश अवस्थी ने कहा कि एआई का उपयोग डेटा आधारित निर्णय लेने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और नवाचार को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसलिए, शिक्षण संस्थानों, सरकार और उद्योग जगत को एक साझा रणनीति के साथ इस दिशा में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने एआई केंद्र स्थापित करने और इससे जुड़े शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समारोह के दौरान 'एआई एंड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' विषय पर एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया, जिसका संचालन प्रोफेसर अमित अग्रहरि ने किया। इस चर्चा में वर्ल्ड बैंक के अरुण शर्मा, बीसीजी इंडिया के सिद्धार्थ मादान और कंटेंटलेंस के शिवी मित्तल ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने कारोबार की रणनीति, नवाचार, गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा और भविष्य के रोजगार पर एआई के प्रभाव के बारे में अपने विचार साझा किए।
समारोह के पहले सत्र में आईआईएम के डीन (इन्फ्रास्ट्रक्चर) सुशील कुमार ने कहा कि संस्थान के पूर्व छात्र आज देश और दुनिया में कारोबार और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहे हैं। इसके बाद, समारोह के दूसरे सत्र में 'गवर्नेंस' विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें राजीव बुधिराजा, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राज शुक्ला, इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर, पूर्व आईएएस देवेश चतुर्वेदी और नैसकॉम के शिवेंद्र सिंह शामिल हुए। इस पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने डिजिटल गवर्नेंस, नैतिक नेतृत्व और तकनीक के युग में उभर रही सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। यह चर्चा इस बात की ओर इशारा करती है कि कैसे एआई और डिजिटल तकनीकें हमारे समाज में गहरा प्रभाव डाल रही हैं।

















