Extreme Weather Grade Diesel: माइनस 42 डिग्री तापमान में भी नहीं जमेगा स्वदेशी एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल

भारत ने हाल ही में एक अत्याधुनिक एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (एक्सडब्ल्यूजी) डीजल का विकास किया है, जो माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी कार्यशील रहेगा। इस
भारत ने हाल ही में एक अत्याधुनिक एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (एक्सडब्ल्यूजी) डीजल का विकास किया है, जो माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी कार्यशील रहेगा। इस डीजल का अनावरण सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शुक्रवार को किया। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण स्वदेशी नवाचार बताया, जो भारतीय सेना की गतिशीलता, परिचालन तत्परता और मिशन की विश्वसनीयता को बढ़ाने में सहायक होगा। यह डीजल विशेष रूप से उन परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां तापमान अत्यधिक कम होता है, जिससे सेना के वाहनों की कार्यक्षमता में सुधार होगा। रक्षा मंत्रालय ने इस डीजल को बीएस-6 मानकों और आईएस 1460:2025 स्पेसिफिकेशन के अनुरूप बताया है, जिससे यह सेना के मौजूदा वाहन बेड़े में बिना किसी बदलाव के इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस विशेष ईंधन का विकास सेना और तेल विपणन कंपनियों के सहयोग से किया गया है, जिसका उद्देश्य चरम जलवायु परिस्थितियों में लड़ाकू और रसद वाहनों की गतिशीलता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। जनरल सेठ ने इस नवाचार के लिए सेना की टीम और तेल विपणन कंपनियों की सराहना की और कहा कि यह सहयोग भविष्य में विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं के लिए विशेष ईंधन विकसित करने में सहायक होगा। अधिकारियों ने बताया कि पारंपरिक डीजल कम तापमान पर गाढ़ा हो सकता है, जिससे ईंधन फिल्टर जाम हो जाता है और इससे अधिक ऊंचाई वाले और बर्फ से ढके क्षेत्रों में वाहनों का संचालन प्रभावित होता है।



















