Dabur Product Ban Impact: डाबर पर एफएसएसएआई का डंडा, 100% शुद्धता के दावे हुए गलत साबित

145 साल पुरानी डाबर कंपनी पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (fssai) ने कार्रवाई की है, जिसके तहत कंपनी के कई प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी गई है। इनमें शहद,
145 साल पुरानी डाबर कंपनी पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कार्रवाई की है, जिसके तहत कंपनी के कई प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी गई है। इनमें शहद, घी और कोकोनट मिल्क जैसे उत्पाद शामिल हैं, जिनके बारे में डाबर ने 100 फीसदी शुद्धता का दावा किया था। एफएसएसआई ने इन दावों को गुमराह करने वाला करार दिया है, जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। इस कार्रवाई का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। डाबर के इस तरह के दावों को लेकर एफएसएसआई ने स्पष्ट किया है कि यह सीधे तौर पर फूड सेफ्टी विनियम, 2018 का उल्लंघन है।
एफएसएसआई ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि डाबर के उन उत्पादों की सूची जारी की गई है, जिन पर '100 फीसदी' शुद्धता की गारंटी देने वाले भ्रामक दावे किए गए थे। इस कार्रवाई के तहत डाबर को 15 दिनों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए रिपोर्ट पेश करनी होगी। यह कदम खाद्य सुरक्षा के मानकों को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके और वे सुरक्षित उत्पादों का चयन कर सकें। एफएसएसआई का यह कदम न केवल डाबर के लिए, बल्कि अन्य कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपने उत्पादों के दावों में पारदर्शिता रखें।



















